Strong objection expressed against misuse of Indian Style Wrestling भारतीय शैली कुश्ती महासंघ के पंजीकृत खिताब “हिंद केसरी एवं “भारत केसरी” के दुरुपयोग जताई कड़ी आप्पति

भारतीय शैली कुश्ती महासंघ के पंजीकृत खिताब “हिंद केसरी एवं “भारत केसरी” के दुरुपयोग जताई कड़ी आप्पति

Strong objection expressed against misuse of Indian Style Wrestling

Strong objection expressed against misuse of Indian Style Wrestling

 भारतीय शैली कुश्ती संघ (ISWAI), जो पिछले 65 वर्षों से देशभर में भारतीय मिट्टी कुश्ती को बढ़ावा दे रहा है, ने हरियाणा राज्य में आयोजित होने वाली आगामी कुश्ती प्रतियोगिता में “भारत केसरी ” शब्द के उपयोग पर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई है ।

ISWAI द्वारा आयोजित हिंद केसरी और भारत केसरी—दोनों ही शीर्षक 1958 से लगातार उपयोग में हैं और भारत सरकार के ट्रेडमार्क रजिस्टर में विधिवत पंजीकृत हैं। इन खिताबों ने भारतीय कुश्ती जगत में एक अत्यंत विशिष्ट प्रतिष्ठा अर्जित की है। दिल्ली उच्च न्यायालय भी 2018 में इन शीर्षकों पर ISWAI के अधिकारों को मान्यता दे चुका है।

हाल ही में हरियाणा में प्रस्तावित राज्य स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता में “भारत केसरी ” शब्द का प्रयोग हमारे पंजीकृत ट्रेडमार्क से भ्रम उत्पन्न करने वाला, समानार्थी, और कानूनी रूप से उल्लंघन (Infringement) की श्रेणी में आता है।

इसी के चलते ISWAI ने सम्मानपूर्वक राज्य खेल विभाग से अनुरोध किया है कि -: 
1. आगामी प्रतियोगिता में “भारत केसरी” शब्द का उपयोग तुरंत बंद किया जाए।
2. कोई भी ऐसा शीर्षक ना अपनाया जाए जो “हिंद केसरी” या “भारत केसरी” से मिलता-जुलता हो ।

 जितेन्द्र राठी, कार्यकारी अध्यक्ष, ISWAI ने कहा: “हिंद केसरी और भारत केसरी केवल खिताब नहीं, बल्कि भारतीय कुश्ती की विरासत और पहचान हैं। इन नामों का अनुचित उपयोग हमारे खिलाड़ियों और पारंपरिक कुश्ती संस्कृति, दोनों के साथ अन्याय है। हमारा विनम्र अनुरोध है कि प्रतियोगिता का नाम बदलकर कुश्ती की गरिमा को बरकरार रखा जाए।”

गौरव रोशन लाल, महासचिव, भारतीय शैली कुश्ती महासंघ (भारत) ने कहा: 
“हम अदालत द्वारा मान्य पंजीकृत ट्रेडमार्क के संरक्षक हैं। यदि प्रतियोगिता का नाम तुरंत नहीं बदला जाता, तो हम इस मामले को कोर्ट के संज्ञान में अवश्य ले जाएंगे। हम खेल की परंपरा, कानून और संघ के अधिकारों की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाने को बाध्य होंगे।”
ISWAI (भारतीय शैली कुश्ती महासंघ) ने स्पष्ट किया है कि यह पहल पूर्ण सद्भावना के साथ की गई है, लेकिन संघ अपने सांवैधानिक और कानूनी अधिकारों की सुरक्षा के लिए हर आवश्यक कार्रवाई करने का अधिकार सुरक्षित रखता है।